कर्मयोग ( Karma Yoga (Hindi) )
Author: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada
Summary
भगवान् श्रीकृष्ण का हमारे लिए एक सन्देश है - हम यह शरीर नहीं हैं, हम आध्यात्मिक हस्ती हैं। शुद्ध आध्यात्मिक समझ में जाति, रंग या स्त्री-पुरुष इत्यादि पदों का कोई महत्त्व नहीं है। इस गैर सांप्रदायिक मंच से पूरी दुनिया में वास्तविक एकता और शांति प्राप्त की जा सकती है। इस समझ के बिना, हम जो सुख की खोज कर रहे हैं, वह हमारी पहुँच के भीतर व्यक्तिगत या सामूहिक रूप मे नहीं होगा। द्वितीय विश्वयुद्ध के कुछ देर बाद लिखे गये इस पुस्तक में बताया गया है कि यह समाज किस प्रकार से भगवान् केंद्रित समाजवाद में शांति से रह सकता है।
Product Details
- No Of Pages: 88
- Author: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada
- Language: Hindi
- ISBN Code: 978-93-82716-22-8
- Product Size: 18 x 12 x 0.4 (cms)
- Weight: 0.062 (Kgs)
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